Sunday, 13 September 2020

फफूंद वाले चने पर उठ रहे सवाल,लापरवाही या जानबूझकर भेजा जा रहा था चना बोटाद

बैतूल।(सांध्य दैनिक खबरवाणी) छत्तीसगढ़ भेजे जा रहे चने में फफूंद लगने का मामला तूल पकड़ रहा है। फफूंद लगे सरकारी चने को भले ही प्रायवेट वेयर हाउस को वापस कर दिया गया हो लेकिन इस मामले से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। चना भेजने में लापरवाही हो रही थी या जानबूझकर भेजा जा रहा था अब इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। अधिकारी भी इस मामले में लीपापोती करने की कोशिश कर रहे हैं।
 

2020-2021 में नाफेड ने समर्थन मूल्य में जो चना खरीदा था उसे सरकारी गोदामों के अलावा प्रायवेट वेयर हाउस में उसका भंडारण किया था। वेयर हाउस में भंडारण करने के पीेछे उद्देश्य यही रहता है कि रखा गया अनाज खराब न हो। बताया ये भी जा रहा है कि अनाज की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरती जाना चाहिए लेकिन इस मामले के सामने आने के बाद प्रायवेट वेयर हाउस कितने सुरक्षित है उस पर भी सवाल उठने लगा है।

मामला सामने आने के बाद वेयर हाउस कार्पोरेशन ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है। वेयर हाउस कार्पोरेशन के प्रबंधक वासुदेव दवंडे का कहना है कि प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया कि नीचे की परत में जो चने के बोरे रखे थे उसमें पानी आ गया था जब चना लोड किया जा रहा था तो ये बोरे लोड नहीं होने थे लेकिन कैसे लोड हो गए इसकी भी जांच की जा रही है। जांच में यह भी बिन्दू रहेगा कि गोदाम मालिक की कितनी लापरवाही है। अब इस गोदाम में रखे चने को लेकर पूरी जांच होगी और पूरे अनाज को देखा जाएगा कितनी मात्रा में चना खराब हुआ है। इसके अलावा प्रायवेट वेयर हाउस में रखे नाफेड के चने के सैम्पल भी लिए जाएंगे। जांच प्रतिवेदन आने के बाद स्पष्ट होगा कि प्रायवेट वेयर हाउस की कितनी गलती है और गलती पाई जाएगी तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मामले की जांच चल रही है,जांच प्रतिवेदन आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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