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प्रदेश में छात्राएं कब बनेगी मैरीकॉम-बबीता फोगाट, राजस्थान स्कूली खेलों में छात्राओं के केवल 18 खेल

🔮प्रदेश में छात्राएं कब बनेगी मैरीकॉम-बबीता फोगाट, राजस्थान स्कूली खेलों में छात्राओं के केवल 18 खेल
  


- राजस्थान स्कूली खेलों में छात्राओं की कुश्ती, बॉक्सिंग, शूटिंग सहित कई खेल शामिल नहीं

जोधपुर. देश में हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक व केरल राज्यों में प्राथमिक स्तर से छात्राओं को खेलों में प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वजह से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में इन राज्यों का दबदबा रहता है। वहीं राजस्थान में प्रदेश स्तर पर केवल 17-18 खेलों का ही आयोजन करवाया जा रहा है। इसका नतीजा है कि प्रदेश से बॉक्सिंग में मैरीकॉम, कुश्ती में बबीता फोगाट, साक्षी मलिक जैसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नहीं निकल पाती है। इसका सबसे बड़ा कारण राजस्थान में स्कूली खेलों में छात्राओं की कुश्ती, बॉक्सिंग, शूटिंग जैसी अनेक खेलों का शामिल नहीं होना है।

*नए खेलों के प्रस्ताव मांग कर इतिश्री कर लेते है*

स्कूल गेम्स फैडरेशन ऑफ इंडिया 133 खेलों के राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करवाती है। बार-बार निदेशालय पर संगठनों द्वारा दबाव बनाए जाने पर नए खेल जोडऩे के प्रस्ताव मांग लिए जाते हैं और इतिश्री कर दी जाती है। वर्ष 2017 से आज तक तीन बार 12, 13 और 21 नई खेलों के प्रस्ताव मांगे गए लेकिन एक भी नया खेल स्कूली राज्य की खेल प्रतियोगिता में नहीं जोड़ा गया है।

*प्रदेश के विवि भी 30 खेल कराते हैं*

राजस्थान के विश्वविद्यालयों में भी 30 व इनसे अधिक खेलों की प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में 30 खेलों की प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। जिसमें शिक्षा विभाग के 18 खेलों के अलावा महिला क्रिकेट, महिला कुश्ती, महिला फुटबॉल, बॉक्सिंग, साइकिलिंग, योगा, बॉल बैडमिंटन, शतरंज, राइफ ल शूटिंग, पारंपरिक खेल मलखम्ब, जुडो, स्क्वेश आदि खेलों की प्रतियोगिताएं कराई जाती है। राजस्थान खेल परिषद द्वारा भी राज्य में

40 खेलों का आयोजन करवाया जाता है।

जिन खेलों के शारीरिक शिक्षक शिक्षा विभाग में नियुक्त हैं, वे सभी खेल राज्य स्कूली खेलों में जोड़े जाएं। ताकि राज्य खेलों का अधिकाधिक विकास हो सके।

हापुराम चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ

जेएनवीयू में ३० खेलों का आयोजन होता है। इनमें अधिकांश खेलों में छात्राओं के खेल कराए जाते हैं। खिलाड़ी जमीनी स्तर से तैयार होते हैं। इसलिए स्कूली खेलों में छात्राओं के खेल होने चाहिए।

-डॉ अमानसिंह सिसोदिया, हैड ऑफ डिपार्टमेंट, फिजीकल एजुकेशन, जेएनवीयू

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