Skip to main content

Shiksha Vibhag Samachar - 'अंग्रेजी स्कूल' में नहीं पहुंची पूरी किताबें, न ऑनलाइन पढ़ाई

🏆'अंग्रेजी स्कूल' में नहीं पहुंची पूरी किताबें, न ऑनलाइन पढ़ाई
 


उदयपुर के 18 में से इक्का-दुक्का विद्यालयों में दी जा रही शिक्षण सामग्री, कुछ स्कूल अपने स्तर पर बनाकर ऑनलाइन भेज रहे सामग्री

उदयपुर. राज्य सरकार ने अपनी फ्लैगशिप योजना के महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय तो खोल दिए, लेकिन कोरोनाकाल में ये भी शुरुआती दौर में अव्यवस्था के शिकार हो गए हैं। अभी पहली से आठवीं तक कक्षाओं की पूरी पुस्तकें नहीं पहुंची हैं, वहीं ऑनलाइन शिक्षण सामग्री भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में उनके अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में दाखिले के बावजूद निजी स्कूलों के विद्यार्थियों से पिछडऩे का अभिभावकों को डर सता रहा है।

जानकारी के मुताबिक गत सत्र 2019-20 में सभी जिला मुख्यालय पर सरकार ने अंग्रेजी माध्यम के कक्षा पहली से 12वीं तक के विद्यालय खोले थे, जिनमें पहली से आठवीं तक प्रवेश दिए गए। शेष नौ, 10, 11 और 12वीं में प्रतिवर्ष एक कक्षा को आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई थी। पूरे राजस्थान में जिला स्तर पर 36 अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खुले थे। इस वर्ष सभी ब्लॉक मुख्यालय पर इन्हें खोला गया है। राज्य में इनकी संख्या 171 है। उदयपुर जिले के सभी 17 ब्लॉक में ये स्कूल खुले हैं। एक संस्था प्रधान ने बताया कि पाठ्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन शिक्षण सामग्री विद्यालय स्तर पर बनाकर उन्हें पढ़ाई से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। कम्प्यूटर लैब पुरानी है व चालू अवस्था में है। कुछ पुस्तकें भी आना बाकी हैं। इधर, कई अभिभावकों ने बताया कि वे बच्चों को अंग्रेजी मीडियम स्कूल में दाखिला दिलाकर खुश तो हैं, लेकिन पढ़ाई के इंतजामों को लेकर चिंतित हैं।

*कौनसी किताबें पहुंची, कौनसी बकाया*

नि:शुल्कपाठ्यपुस्तक वितरण प्रणाली के तहत ही इन विद्यालयों में भी पुस्तकें मिलनी हैं, लेकिन नए सत्र को शुरू हुए तीसरा माह बीतने को है, लेकिन पूरी किताबें नहीं पहुंची। कक्षा 1 व 2 में गणित, कक्षा 3 से 5 में गणित और पर्यावरण, कक्षा 6 में गणित और सामाजिक, कक्षा 7 और 8 में गणित, सामाजिक और विज्ञान विषय की पाठ्यपुस्तकें ही बच्चों तक पहुंची हैं। कक्षा 1 से 2 तक में हिन्दी, अंग्रेजी की पुस्तकें बाकी हैं।

*नामांकन तो बढ़ाया, आधारभूत सुविधाएं ही बौनी*

पूर्व में कक्षा 1 से 5 में 30 तथा 6 से 8 में 35 बच्चों के नामांकन के आदेश मिले थे, जिसे संशोधित कर फिर से 60 तथा 70 का नामांकन भौतिक सुविधाओं के अनुसार करने के आदेश हुए थे। नामांकन तो बढ़ाया जा रहा है, लेकिन आधारभूत सुविधाएं ही पूरी नहीं हो रही।

*ये किए थे पद स्वीकृत*

हरेक महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक, तृतीय श्रेणी लेवल प्रथम एवं द्वितीय के अलावा कंप्यूटर अध्यापक, वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक, वरिष्ठ और कनिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला सहायक और सहायक कर्मचारी सहित कुल 21 पद स्वीकृत किए, जिनकी संख्या राजस्थान में लगभग 3591 हैं। बच्चों की अनुमानित संख्या लगभग 51300 है।
---
बच्चे पहले से अंग्रेजी में कमजोर हैं। उन्हें अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अच्छी तरह से पढ़कर प्रदर्शन करना है तो शिक्षण सामग्री समय पर मिलनी चाहिए। गांवों के विद्यार्थियों को ज्यादा समस्या आती है, जिनके अभिभावक भी उनकी कोई खास मदद घर पर नहीं कर पाते हैं। हमारी चिंता यह है कि कहीं वे पिछड़ न जाएं।

शेर सिंह चौहान, शिक्षक नेता

अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के लिए विभागीय स्तर पर ऑनलाइन शिक्षण सामग्री फिलहाल नहीं आई है। किताबें आ रही हैं, लेकिन कुछ कम आई हैं। हमने दूसरी खेप की मांग भेजी है।

भरत जोशी, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक)

*📔🏆 शिक्षा विभाग समाचार 🏆📔*
😊 Thanks for Visit.😊

Post a comment

0 Comments